Category: Suryakant Tripathi Nirala Poems

भिक्षुक / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला कविता | Suryakant Tripathi Nirala

भिक्षुक / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला कविता | Suryakant Tripathi Nirala सूर्यकांत त्रिपाठी निराला कविता वह आता– दो टूक कलेजे को करता, पछताता पथ पर आता। पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक, चल रहा लकुटिया टेक, मुट्ठी भर दाने को — भूख मिटाने को मुँह फटी पुरानी झोली का फैलाता — दो टूक कलेजे के करता […]

राजे ने अपनी रखवाली की / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | Suryakant Tripathi Nirala Poems in Hindi

राजे ने अपनी रखवाली की / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | Suryakant Tripathi Nirala Poems Suryakant Tripathi Nirala राजे ने अपनी रखवाली की; किला बनाकर रहा; बड़ी-बड़ी फ़ौजें रखीं । चापलूस कितने सामन्त आए । मतलब की लकड़ी पकड़े हुए । कितने ब्राह्मण आए पोथियों में जनता को बाँधे हुए । कवियों ने उसकी बहादुरी के […]

मुक्ति / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला – Suryakant Tripathi Nirala

मुक्ति / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला – Suryakant Tripathi Nirala तोड़ो, तोड़ो, तोड़ो कारा पत्थर, की निकलो फिर, गंगा-जल-धारा! गृह-गृह की पार्वती! पुनः सत्य-सुन्दर-शिव को सँवारती उर-उर की बनो आरती!– भ्रान्तों की निश्चल ध्रुवतारा!– तोड़ो, तोड़ो, तोड़ो कारा!

सह जाते हो – Suryakant Tripathi Nirala

सह जाते हो – Suryakant Tripathi Nirala Kavita Suryakant Tripathi Nirala Poems सह जाते हो उत्पीड़न की क्रीड़ा सदा निरंकुश नग्न, हृदय तुम्हारा दुबला होता नग्न, अन्तिम आशा के कानों में स्पन्दित हम – सबके प्राणों में अपने उर की तप्त व्यथाएँ, क्षीण कण्ठ की करुण कथाएँ कह जाते हो और जगत की ओर ताककर […]

Suryakant Tripathi Nirala Poems in Hindi | उक्ति

Suryakant Tripathi Nirala Poems in Hindi | उक्ति Suryakant Tripathi Nirala Poems in Hindi कुछ न हुआ, न हो मुझे विश्व का सुख, श्री, यदि केवल पास तुम रहो! मेरे नभ के बादल यदि न कटे- चन्द्र रह गया ढका, तिमिर रात को तिरकर यदि न अटे लेश गगन-भास का, रहेंगे अधर हँसते, पथ पर, […]

Suryakant Tripathi Nirala Poems in Hindi | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

Suryakant Tripathi Nirala Poems in Hindi | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला Suryakant Tripathi Nirala Poems in Hindi : सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी हिंदी साहित्य जगत में बहूत ही जाने माने नाम है | इन्होने ऐसी कई कविताएं लिखी है जिन्हे पड़ कर आज के लेखक प्रेरणा लेते है| इनका जनम २१ फ़रवरी सन १८९६ में हुआ था। […]