Gulzar Poems in Hindi | बोलिये सुरीली बोलियाँ

Gulzar Poems in Hindi | बोलिये सुरीली बोलियाँ

Gulzar Poems in Hindi

बोलिये सुरीली बोलियाँ
खट्टी मीठी आँखों की रसीली बोलियाँ

रात में घोले चाँद की मिश्री
दिन के ग़म नमकीन लगते हैं
नमकीन आँखों की नशिली बोलियाँ

गूंज रहे हैं डूबते साये
शाम की खुशबू हाथ ना आये
गूंजती आँखों की नशिली बोलियाँ
फिल्म – एक थी डायन(2013)

Gulzar Poems in Hindi

 

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